ओमरान

गौर से देखिएगा..

इस बच्चे की मासूमियत पे

किसने उछाला है लाल रंग..

हाथ पाँव पे सजे ये काले 

नीले धब्बे किसकी देन हैं..

वीराँ वीराँ सी आँखें किस शून्यता

की गहराई तलाश कर रही हैं..

क्या किसी खामोश,शातिर

शैतानों के साये मंडराते नहीं दिखते

इस बच्चे के सोचो हवास पर..?

दर्द के सारे एहसास पी रखे हैं

इस बच्चे की रूह ने,

आँसुओं की बूँद भी टपकी नहीं,

जो मंजर देखा है उसकी आँखों ने,

शायद ही कभी भूलेगा वह..

सीरिया..रशिया..इजराइल..पॅलेस्टाइन..

कितने मुल्कों के कितने झगडे,

कितने बम बारूद,कितनी जानें,

किस मज़हब की कौनसी किताबें

ऐसा सबक़ सिखाती हैं..

कैसे बींज बो रहें हैं हम

बच्चों के दिलों में..

कितनी नफरत भरी पडी है

इस जहाँ के सियासतों में..

ये सिर्फ अकेले ओमरान की तस्वीर नहीं है,

हमारी आने वाली पुश्तों का 

जीता जागता आईना है..

ये बच्चा कल किसी लाशों के

ढेर का ज़िम्मेदार साबित हुआ,

तो गलती इसकी नहीं,

हम सबकी होगी..!!

Advertisements

31 thoughts on “ओमरान

  1. ये तस्वीर को देखते ही मन में एक ही सवाल आता है उस बच्चे पर क्या बीती होगी
    आपने उसकी भावनाओ को पढने की एक अच्छी कोशिश की।

    Liked by 1 person

  2. लिखने वाला ही था इस मुद्दे पे।
    आपने लिखा,ख़ुशी हुई।
    इंसानियत की धज्जियां उड़ाती हुई तस्वीर है ये।

    Liked by 1 person

  3. आप ने ‘तस्वीर’ को इस तरह ‘लिखा’ है अश्फाकजी की लब्ज़ पढ़ रहे है या भावनाओंको महसूस कर रहे है इनमें फर्क नही समझ आता।

    बहुत ही बढिया लिखा है आप ने _/\_

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s